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परिवर्तन की मिशाल….YRS

युवा रांकावत संस्था, जोधपुर रांकावत समाज की एक ऐसी संस्था है, जिसने समाज में परिवर्तन की एक क्रान्ति लाने और समाज को विकसित, सुदृढ़, सक्षम, महिलाओं की आर्थिक स्थिति को सुधारने, समाज में फैली कुरितियों को मिटाने के लिए युवाओं से सम्पर्क स्थापित किया चूंकि रांकावत समाज में राजनिति अपने चरम सीमा पर आपसी मतभेद, एक—दुसरे को नीचे दिखाना, नाम की लड़ाई, रूढ़ीवादिता इत्यादि व्यवस्थाओं के बीच कुछ युवाओं ने इन सभी व्यवस्थाओं को उखाड़ फेखने का निर्णय लिया।काम कठिन था समाज में राजनिति ने अपने पैर जमा रखे थे और उन सब के बीच में एक नई संस्था का उदय होना और उसको सफलताओं के आसमान तक ले जाना बड़ा ही कठिन मार्ग था।किन्तु इन युवाओं ने ठान लिया था, समाज में सिर्फ नकारात्मक माहौल को समाप्त करके समाज को सकारात्मक माहौल की ओर ले जाना है और ऐसा करने के लिए इन युवाओं को जरूरत थी एक नई संस्था गठित करने की,ताकि संस्था के बैनर तले कार्यो को अन्जाम दिया जा सके।

7 अप्रेल 2016 को वो शुभ घड़ी थी, जिस दिन युवा रांकावत संस्था, जोधपुर (YRS) का गंगेश्वर महादेव मन्दिर के प्रांगण में शुभारम्भ किया गया, प्रथम मिटींग में मौजूद युवाओं ने एक राय होकर मनोहरदास गोयल को अध्यक्ष, योगेन्द्र उदेशा को सचिव एवं जगदीश बागरेचा को कोषाध्यक्ष पद पर चयनित किया गया।इन युवाओं के इरादे बुलन्द थे, समाज में फैली कुछ समस्याओं को हटाना और उनसे लड़ना बहुत जरूरी था, उसी दिन उसी प्रांगण में इन युवाओं ने यह शपथ ली जब तक समाज को विकास के पथ पर युवाओं को रोजगार के पथ पर, महिलाओं को सशक्तिकरण के पथ पर ना ले जाये तब तक चैन से नहीं बैठेगे।

युवा रांकावत संस्था, जोधपुर(YRS) के शुरूवाती दौर मे युवाआंें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा, समाज का कोई भी वर्ग युवा रांकावत संस्था, जोधपुर का सहयोग करने के लिए तैयार नहीं हुआ, फिर भी ल्त्ै ने अपने ईरादे नहीं छोड़े ‘‘वो कहते है ना, नदिया कभी किसी से रास्ता नहीं पुछती, और जब वो अपने पुरे वेग में हो, अपना रास्ता खुद बना लेती है‘‘ इस बात की सार्थकता को सत्यापित करते हुए ल्त्ै के युवाओं ने तय किया कितनी भी मुश्किले आये हमे हमारे लक्ष्य को प्राप्त करना है।

लक्ष्य तय हो जाने के बाद युवा रांकावत संस्था, जोधपुर ने अपना सर्वप्रथम कार्यक्रम 1 मई 2016 को रांकावत समाज भवन, जोधपुर में रक्तदान शिविर, निःशुल्क नेत्र जांच, दन्त जांच, एक्युप्रेशर चिकित्सा, निःशुल्क आधार कार्ड, विधवा/विकलांग/तलाक शुदा को पेन्शन योजना आदि सफल कार्यक्रम आयोजित किया, जो कि गोविन्द जी गोयल तत्कालीन अध्यक्ष रांकावत समाज, जोधपुर के सहयोग से सम्पन्न हुआ।

तत्पश्चात् युवा रांकावत संस्था के युवाओं के हौसले आसमान को छुने लगे और आगे कार्य करने की ललक तेज होने लगी, छोटे-मोटे कार्यो को सम्पन्न करते हुए युवा रंाकावत संस्था, जोधपुर ने यह तय किया कि हम सिर्फ जोधपुर के युवाओं तक सिमित नहीं रहेगे, ल्त्ै को सम्पूर्ण भारत वर्ष में ‘‘सबका साथ, सबका विकास‘‘ के तहत एक सुत्र में बांधकर समाज को विकास के पथ पर ले जाना है।

इसी मनसुबे को दिल में रखकर YRS के युवाओं ने संस्था एवं समाज को सही मायने में विकास की ओर ले जाने के लिए कुछ नियम बनाये और उन नियमो का शक्ति से पालन करने की शपथ ली।

ल्त्ै के युवाओं ने सम्पूर्ण समाज के युवाओं को साथ लेकर चलने की प्रथम शपथ ली, युवा रांकावत संस्था, जोधपुर ने समाज में किसी भी तरह की राजनिति नहीं करने की द्वितीय शपथ ली, समाज में गुट-बाजी में हिस्सा नहीं लेने की तृतीय शपथ ली, समाज में सिर्फ क्रियात्मक कार्यो को अंजाम देगें यह चतुर्थ शपथ ली, किसी भी परिस्थिति में आपसी मतभेद नहीं आने देगें यह पंचम शपथ ली। किसी भी तरह की सामाजिक, आर्थिक परेशानियों से नहीं घबरायेगे ये षट्म शपथ ली। किसी भी योजना को अधुरा नहीं छोडेगे यह सप्तम शपथ ली। युवाओं के रोजगार के प्रति कार्य करेगे यह अष्टम् शपथ ली। रूढीवादिता को समाप्त करने का प्रयास करेगे यह नवम् शपथ ली। आज की जरूरतों के हिसाब से अपने कार्यो में योजनाओं में, सोच में परिवर्तन लाकर हमेशा समाज में चले आ रहे कार्यो से हटकर साहसी कदम उठाते हुए कार्य करेगे और उससे सफलता पूर्वक अजांम देगे यह दशम् शपथ ली। अन्तिम एवं सबसे महत्वपूर्ण शपथ समाज में किसी भी संस्था, समाज बन्धु, सम्मानिय, गणमान्य, वरिष्ठगण, बुर्जुग का अपमान, अकारण विरोध नहीं करेगे, किसी को गिराने के लिए नहीं बल्कि ल्त्ै को उठाने के लिए कार्य करेगे, यह हमारी ग्याहरवी शपथ थी।

हमारी ली गई शपथ के अनुरूप हमने अपना अगला कार्यक्रम मेड़ता में रखना तय किया, क्योंकि मेड़ता में युवा समाज के प्रति जागरूक नहीं थे, उन्हे जागरूक करने और सौगात में मेड़ता को बहुत ही सुन्दर सामाजिक कार्य देने के लिए दिनांक 7 अगस्त 2016 ‘‘दर्पण‘‘ का विमोचन व ‘‘रांकावत रत्न‘‘ से सम्मनित का अद्भुत कार्यक्रम सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ, इसी कार्यक्रम में रांकावत समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान् सुरेन्द्र जी स्वामी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया, इस कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार होने के बाद मेड़ता समाज एवं तत्कालीन अध्यक्ष श्रीमान् छोटुलाल जी तुंकारिया (पार्षद) एवं युवा समिति के तत्कालीन अध्यक्ष दिनेश जी चाडा, व समाज सेवी राजेन्द्र जी झिझोदिया, महेन्द्र जी चाडा के सहयोग से ही यह कार्यक्रम सफलता की बुलन्दी तक पहुचा।

मेड़ता के मंच से YRS ने एक ओर घोषणा की जिसमें समाज के युवाओं के लिए रोजगार के प्रति एक योजना ‘‘पूर्ण बदलाव‘‘ का आगाज जल्द ही किया